मुग़ल सदी का वो नायक जो कहलाया....

जन्म और नामकरण:

जहांगीर का जन्म 31 अगस्त 1569 में अकबराबाद (वर्तमान उत्तर प्रदेश, भारत) में हुआ था। उनका असली नाम नूरुद्दीन मुहम्मद सलीम था, जिन्हें बाद में जहांगीर कहा गया।

पिता के प्रति सम्मान:

जहांगीर अपने पिता, मुग़ल सम्राट अकबर के प्रति बहुत सम्मान और प्रेम रखते थे। अकबर ने उन्हें अपने विरासत में सत्ता सौंपी थी।

सामरिक कुशलता:

जहांगीर एक माहिर सैन्य नेता थे और उन्होंने अपने पिता की सैन्य शक्ति को बढ़ाया। उन्होंने विभिन्न युद्धों में अपनी कुशलता का प्रदर्शन किया।

विवाह:

जहांगीर का पहला विवाह मानसी (बेगम साहिब) से हुआ, जिन्होंने उन्हें एक पुत्र दिया। उनका दूसरा विवाह मुमताज़ महल से हुआ, जो ताजमहल की निर्माण करवाने वाली मुग़ल सम्राट शाहजहाँ की माँ थी।

विकास और आर्थिक स्थिति:

जहांगीर के शासनकाल में विज्ञान, साहित्य, कला और संगठन में विकास हुआ। उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ थी और उन्होंने अपने सम्राट्य के दौरान धनराशि को वृद्धि करवाया।

आदाब और कला प्रेमी:

जहांगीर एक कला प्रेमी और आदाब प्रेमी थे। उन्होंने कला के क्षेत्र में कई योगदान दिए और कला के लिए एक विशेष रुचि रखी।

धर्मिक तालिका की स्थापना:

जहांगीर ने अपने शासनकाल में सभी धर्मों को समान रूप से सम्मान दिया और उनके बीच अच्छे संबंधों की स्थापना की।

मृत्यु और उपासना:

जहांगीर की मृत्यु 28 अक्टूबर 1627 में हुई। उनकी उपासना एक अहम मुग़ल संवृद्धि के कारण मानी जाती है।