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 मुग़ल एम्पायर की शुरुआत

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बाबर की विजय:

बाबर ने 1526 ईस्वी में पानीपत की लड़ाई में लोदी वंश के आधिपत्य को परास्त करते हुए विजय प्राप्त की। यह विजय मुग़ल साम्राज्य की स्थापना की आधिकारिक शुरुआत थी।

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बाबर का दिल्ली को विजय:

बाबर ने अपनी विजय के बाद दिल्ली को अपनी राजधानी बनाया और यहां से मुग़ल साम्राज्य का केंद्रित शासन प्रारंभ किया।

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अकबर की राज्याभिषेक:

बाबर के पोते अकबर ने 1556 ईस्वी में राज्याभिषेक करके मुग़ल सम्राट का पदभार संभाला। अकबर के काल में मुग़ल साम्राज्य का विस्तार और समृद्धि हुई।

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दिन-ए-इलाही:

अकबर ने एक नया धर्म नामक समाजिक आंदोलन प्रारंभ किया, जिसे "दिन-ए-इलाही" कहा जाता है। इसका उद्घाटन मुग़ल साम्राज्य के धर्मिक सांस्कृतिक समंदर में एक महत्वपूर्ण प्रयास था।

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शाहजहाँ और ताजमहल:

शाहजहाँ ने मुग़ल साम्राज्य के दूसरे विशालकाय शासक के रूप में प्रस्तावित किया गया। उन्होंने ताजमहल की निर्माण कराकर अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में एक मकबरा बनवाया।

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औरंगज़ेब की सत्ता संघर्ष:

औरंगज़ेब, शाहजहाँ के पोते, ने सत्ता के लिए अपने भाइयों के साथ युद्ध किया। उन्होंने अपने पिता को राजघराने में बंद करवा दिया और स्वयं राजसत्ता प्राप्त की।

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औरंगज़ेब का धर्म नीति:

औरंगज़ेब ने अपने शासनकाल में अपनी सख्त धार्मिक नीतियों के लिए मशहूर हुए। उन्होंने हिन्दू और सिख बंधुओं पर धर्मांतरण और निरंकारी आंदोलन का प्रभाव डाला।

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दरबारी संस्कृति:

मुग़ल साम्राज्य के काल में दरबारी संस्कृति की विकास और प्रचलन हुआ। यह संस्कृति राज्य के महान्यायाधीशों, मंत्रिमंडल के सदस्यों और विद्वानों के पास उच्च स्थान प्राप्त कर गई।

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मुग़ल कला और साहित्य:

मुग़ल साम्राज्य के काल में कला और साहित्य का विकास हुआ। आदिवासी और पाश्चात्य कला के साथ-साथ मुग़ल कला का विस्तार हुआ और हिन्दी, उर्दू और पर्सियन में महान कविताओं, कहानियों और नाटकों की रचना की गई।