G20 या ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (Group of Twenty)

G20:  G20 या ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (Group of Twenty) 19 देशों और यूरोपीय संघ (EU) से मिलकर बना एक अंतरराष्ट्रीय मंच है.  विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर्स का एक संगठन है, जिसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं।

स्थापना: G20 की स्थापना 1999 में कई विश्व आर्थिक संकटों को दूर करने के लिए की गई थी. 2008 के बाद से, यहां साल में कम से कम एक बार बैठक होती है, जिसमें प्रत्येक सदस्य के सरकार या राज्य के प्रमुख, वित्त मंत्री, या विदेश मंत्री और अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों को शामिल किया जाता है. यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व यूरोपीय आयोग और यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा किया जाता है. कुछ स्थायी मेहमानों को जैसे कोई अन्य देश, अंतर्राष्ट्रीय संगठन और गैर-सरकारी संगठन को शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है

उद्देश्य : यह ग्लोबल इकोनोमी से संबंधित प्रमुख मुद्दों, जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के संबंधित काम करता है. G20 दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशो से बना है, जिसमें औद्योगिक और विकासशील दोनों देश शामिल हैं

जी20 के सदस्य : 2022 तक, समूह में 20 सदस्य हैं- अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, दक्षिण कोरिया, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका,स्पेन, संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक, अफ्रीकी संघ, आसियान और यूरोपीय संघ, साथ ही, स्थायी अतिथि भी आमंत्रित किए जाते हैं.

प्रत्येक वर्ष स्पेन के अलावा, जी20 के मेहमानों में आसियान देशों के अध्यक्ष; दो अफ्रीकी देश और एक देश जी20 के अध्यक्ष द्वारा प्रत्येक बार आमंत्रित किया जाता है, आमतौर पर वे अपने ही क्षेत्र से होते हैं।

भारत 2023 G20 शिखर सम्मेलन का मेजबानी करेगा, भारत 30 दिसम्बर 2023 तक G20 का अध्यक्ष बना रहेगा जिसके अध्यक्ष श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी है।

G20 लोगो भारत के राष्ट्रीय ध्वज के जीवंत रंगों – केसरिया, सफेद और हरे, एवं नीले रंग से प्रेरित है। इसमें भारत के राष्ट्रीय पुष्‍प कमल को पृथ्वी ग्रह के साथ प्रस्‍तुत किया गया है जो चुनौतियों के बीच विकास को दर्शाता है। पृथ्वी जीवन के प्रति भारत के पर्यावरण अनुकूल दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसका प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य है। G20 लोगो के नीचे देवनागरी लिपि में “भारत” लिखा है।

भारत का G20 अध्‍यक्षता का विषय – “वसुधैव कुटुम्बकम” या “एक पृथ्वी · एक कुटुंब · एक भविष्य” – महा उपनिषद के प्राचीन संस्कृत पाठ से लिया गया है। अनिवार्य रूप से, यह विषय सभी प्रकार के जीवन मूल्यों – मानव, पशु, पौधे और सूक्ष्मजीव – और पृथ्वी एवं व्यापक ब्रह्मांड में उनके परस्पर संबंधों की पुष्टि करता है।

यह विषय (थीम) व्यक्तिगत जीवन शैली और राष्ट्रीय विकास दोनों स्‍तरों पर पर्यावरण की दृष्टि से धारणीय और जिम्मेदार विकल्पों से संबद्ध LiFE (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) पर भी प्रकाश डालता है, जिससे वैश्विक स्तर पर परिवर्तनकारी कार्यों के परिणामस्वरूप एक स्वच्छ, हरे-भरे और उज्जवल भविष्य का निर्माण होता है।

लोगो और विषय (थीम) एक साथ भारत की G20 अध्‍यक्षता का एक सशक्‍त संदेश देते हैं, जो दुनिया में सभी के लिए न्यायसंगत और समान विकास के प्रयास को दर्शाता है। क्योंकि आज जब हम एक स्थायी, समग्र, जिम्मेदार और समावेशी तरीके से इस चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहे हैं तो ऐसे समय में ये G20 अध्‍यक्षता के लिए हमारे आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र के अनुकूल जीवन से संबंधित हमारे विलक्षण भारतीय नजरिये को दर्शाते हैं।

भारत के लिए, G20 अध्‍यक्षता “अमृतकाल” की शुरुआत है, जो 15 अगस्त 2022 को स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ से शुरू होकर एक भविष्यवादी, समृद्ध, समावेशी और विकसित समाज, जिसकी मुख्‍य विशेषता मानव-केंद्रित दृष्टिकोण है.

इस समूह का कोई स्थायी सचिवालय नहीं है। इसकी अध्यक्षता ट्रोइका द्वारा समर्थित है – पिछला, वर्तमान और आने वाला अध्यक्षता। भारत की अध्यक्षता के दौरान, ट्रोइका में क्रमशः इंडोनेशिया, भारत और ब्राजील शामिल होंगे।

 

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