भारत के लिए खास हैं फ्रांस के साथ संबंध

भारत और फ्रांस के बीच घनिष्ठ संबंध एक दीर्घकालिक समय से बने हुए हैं। ये संबंध साझी न्यायवाद, लोकतांत्रिक मूल्यों, आधुनिकता और साझा रुचियों के आधार पर आधारित हैं। भारत-फ्रांस संबंध गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक बंधनों से जुड़े हैं, जिन्होंने संबंधों को मजबूती प्रदान की है। इन संबंधों को विस्तारपूर्वक समझने के लिए हमें इनके विभिन्न क्षेत्रों की ओर देखने की आवश्यकता होती है।

वाणिज्यिक संबंधों की बात करें तो, फ्रांस भारत के प्रमुख व्यापारिक साथी में से एक है। दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक माल और सेवा की विनिमय से जुड़े कई समझौते हुए हैं। फ्रांस कंपनियों ने भारत में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश किया है, जैसे कि विज्ञान, तकनीक, वाणिज्य, औद्योगिक सहयोग, संगठनों के मध्य एकांतरण आदि। इसके अलावा, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा आदि क्षेत्रों में भी सहयोग दिखाया गया है। फ्रांस के कुछ प्रमुख कंपनियाँ जैसे लगार्डेर और विवेंदी ने भारत में व्यापारिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभाई है।

सैन्य सहयोग के मामले में भी दोनों देशों के बीच सजीव संबंध हैं। फ्रांस और भारत की सैन्य विभागों के बीच सैन्य अभ्यास और युद्ध खेलों के कई साझा संगठन हुए हैं। साथ ही, फ्रांस ने भारत को सैन्य उपकरण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मदद प्रदान की है। विमानन और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच गतिविधियों में सहयोग देखा गया है।

भारत और फ्रांस के बीच शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी एक महत्वपूर्ण इतिहास है। फ्रांस ने भारत के अनेक शिक्षा संस्थानों को सहायता और समर्थन प्रदान किया है। दोनों देशों के बीच विद्यार्थी अदला-बदली कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और कॉलेजों के माध्यम से भी एक-दूसरे के सांस्कृतिक मूल्यों को समझने और साझा करने का मौका मिला है।

साझा राजनयिक संबंधों की बात करें तो, भारत और फ्रांस विभिन्न मामलों में एक-दूसरे का समर्थन करते रहे हैं। वे संयुक्त राष्ट्र में एक दूसरे के गठन के अधिकार का समर्थन करते हैं और आपसी मसलों पर मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे के साथ आपसी सहमति बनाए रखते हैं। फ्रांस ने भारत की सदस्यता को प्राथमिकता देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अद्यतन में भारत का समर्थन किया है।

साथ ही, कृषि, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन्यजीव निर्धारण के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग देखा गया है। वे समूचे विश्व में साझा लक्ष्यों के लिए प्रयास कर रहे हैं, जैसे कि शांति, सुरक्षा और विकास।

इस प्रकार, भारत और फ्रांस के बीच के संबंध विभिन्न क्षेत्रों में गहराई से जुड़े हुए हैं। ये संबंध वाणिज्यिक, सैन्य, शिक्षा, सांस्कृतिक और राजनयिक क्षेत्रों में सहयोग और समर्थन को सुदृढ़ कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच विशेषता और मित्रता की भावना के कारण, ये संबंध आगे बढ़ने के लिए अवसर प्रदान कर रहे हैं और एक समृद्ध और सुरक्षित भविष्य की ओर प्रगति कर रहे हैं।

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के दौरे पर हैं। पेरिस में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है. भारत विविधता का प्रतीक है

पीएम नरेंद्र मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. वहीं, पीएम मोदी शुक्रवार (14 जुलाई) को बैस्टिल डे परेड में हिस्सा लेंगे. बैस्टिल दिवस समारोह के लिए पीएम मोदी को निमंत्रण भारत-फ्रांस संबंधों की गहराई को दर्शाता है।

 

भारत के प्रधानमंत्री मोदी की पेरिस यात्रा की मुख्य बातें:-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेरिस यात्रा रक्षा और अंतरिक्ष, बुनियादी ढांचे और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित है।

पीएम मोदी ने सीनेट का दौरा किया, जहां उन्होंने सीनेट अध्यक्ष जेरेड लार्चर के साथ व्यापक चर्चा की। बैठक के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ”सीनेट के अध्यक्ष जेरार्ड लार्चर से मिलकर खुशी हुई। विभिन्न क्षेत्रों में भारत-फ्रांस सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर सार्थक आदान-प्रदान हुआ।

उन्होंने फ्रांस की प्रधान मंत्री एलिजाबेथ बोर्न के साथ एक अलग प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक भी की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस में प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बॉर्न के साथ सार्थक बातचीत की। नेताओं ने भारत-फ्रांस साझेदारी के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।

गुरुवार शाम पेरिस के ला सीन म्यूजिकल में भारतीय प्रवासियों के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “एक नई विश्व व्यवस्था उभर रही है। एक ऐसी व्यवस्था जहां भारत किसी भी अवसर को जाने नहीं देगा।

भारतीय प्रवासियों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए पीएम मोदी ने यूनिफाइड पेमेंट सिस्टम (UPI) का जिक्र करते हुए आगे कहा, ”भारत और फ्रांस अपने यहां UPI के इस्तेमाल पर सहमत हो गए हैं. आने वाले दिनों में इसकी शुरुआत एफिल टावर से होगी. वह भारतीय पर्यटक अब रुपये में भुगतान कर सकेंगे।” गौरतलब है कि यूपीआई भारत में सबसे सफल भुगतान प्रणाली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रांस के सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ लीजन ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया. पीएम मोदी यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले यह सम्मान दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, तत्कालीन प्रिंस ऑफ वेल्स, किंग चार्ल्स, पूर्व जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बुट्रोस बुट्रोस घाली को दिया जा चुका है।

पीएम मोदी आज यानी 14 जुलाई को बैस्टिल डे परेड में शामिल होंगे. बैस्टिल दिवस फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत का प्रतीक है। इस कार्यक्रम के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी. सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, आतंकवाद-निरोध, साइबर सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग सहित कई विषय एजेंडे में हैं। यह यात्रा प्रतिष्ठित लौवर संग्रहालय में एक भव्य राजकीय भोज के साथ समाप्त होगी

पीएम नरेंद्र मोदी के पेरिस दौरे के दौरान कई बड़े ऐलान होने की उम्मीद है. 26 राफेल जेट और तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की खरीद को लेकर औपचारिक घोषणा हो सकती है. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद ने इस प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है और बातचीत आगे बढ़ने की संभावना है

पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान भारतीय छात्रों को राहत देने का भी ऐलान किया गया. इस घोषणा के मुताबिक, फ्रांस में मास्टर्स करने वाले छात्रों की वीजा अवधि अब 5 साल तक बढ़ाई जा सकती है. पीएम मोदी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि फ्रांस ने स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वाले छात्रों को लंबी अवधि का पांच साल का वीजा देने का फैसला किया है. इसके साथ ही पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से भारत में बड़े पैमाने पर निवेश करने की भी अपील की.

बैस्टिल डे परेड में भारतीय त्रि-सेवा दल का एक बड़ा दल भी हिस्सा लेगा। प्रथम विश्व युद्ध के समय से ही दोनों सेनाओं के बीच गठबंधन बना हुआ है। गौरतलब है कि फ्रांस दशकों से यूरोप में भारत के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक रहा है। यह एकमात्र देश था जिसने 1998 के परमाणु परीक्षणों के बाद नई दिल्ली पर प्रतिबंध नहीं लगाया था

फ्रांसीसी सेना के तीनों अंगों की एक टुकड़ी 14 जुलाई को फ्रांस में बैस्टिल दिवस समारोह में हिस्सा लेगी, जहां प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी विशेष अतिथि होंगे। यह फ्रांस का राष्ट्रीय दिवस है, जिसे बैस्टिल दिवस के नाम से भी जाना जाता है। यह हर साल 14 जुलाई को मनाया जाता है। बैस्टिल डे परेड इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण है।

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