“जैसलमेर – सोने की शहर”

राजस्थान के मानसून के बाद, समृद्ध इतिहास और प्राचीन संस्कृति का एक प्रतीक आपका स्वागत करता है – जैसलमेर, सोने का शहर। यह सुनेरे रेगिस्तान के बीच बसा हुआ है और इसके खास गहनों की तरह, यह शहर भी एक अद्वितीय और चमकदार माहौल में अपना स्थान बना चुका है। इस लेख में, हम जैसलमेर के रोमांचक और आकर्षक दुनिया की ओर एक यात्रा का सफर करेंगे।

Jaisalmer Fort

इतिहास की गहराइयों में

जैसलमेर का इतिहास बहुत ही दिलचस्प है और यह शहर भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण हिस्से का हिस्सा है। यह शहर 12वीं सदी में महाराजा जैसल सिंह द्वारा स्थापित किया गया था और उसका नाम शहर के नाम का पहला हिस्सा था।

जैसलमेर के पास स्थित सुनार किला, जिसे गोल्डन फोर्ट भी कहा जाता है, एक अद्वितीय दुर्ग है जो एक रेगिस्तान में बसा हुआ है। इस दुर्ग की दीवारें सोने के रंग की होती हैं और इसलिए इसे “सोने का किला” कहा जाता है। यह दुर्ग जैसलमेर के चमकदार इतिहास का एक बड़ा हिस्सा है और यहाँ के स्थलीय लोगों के लिए मान्यता और गर्व का प्रतीक है।

रेगिस्तान की बातें

जैसलमेर राजस्थान के मरुस्थली क्षेत्र में स्थित है, जिसे हम सुनेरा रेगिस्तान के नाम से जानते हैं। यहाँ का रेगिस्तान एक अद्वितीय और खास अनुभव प्रदान करता है, जिसका कोई तुलना नहीं हो सकता है।

रेगिस्तान के गाड़ियों के साथ एक कैमल सफारी पर जाना जैसलमेर का एक अद्वितीय तरीका है। कैमल सफारी के दौरान, आप रेगिस्तान के बीच घूम सकते हैं और यहाँ के जिंदगी के तरीकों को समझ सकते हैं।

जैसलमेर की ज्यों की त्यों खास बातें

  1. सोने का किला (गोल्डन फोर्ट): जैसलमेर का सबसे प्रसिद्ध और अद्वितीय दुर्ग है, जिसे सोने का किला भी कहा जाता है। यह दुर्ग रेगिस्तान की ऊँचाइयों पर बना हुआ है और इसकी दीवारें सोने के रंग की होती हैं, जिसके कारण यह दुर्ग अपने नाम के हकदार है। यहाँ से आपको रेगिस्तान की शानदार दृश्यांक मिलेगा।
  2. पटवाओं का नगर: जैसलमेर में आपको पटवाओं के बढ़िया काम की चीजें मिलेंगी। पटवाओं के द्वारा बनाई जाने वाली साड़ियाँ, ओढ़नियाँ, और अन्य परिधान सामग्री यहाँ के विशेषता हैं।
  3. सलीम सिंह की हवेली: यह हवेली भव्य राजपूत संस्कृति की झलक दिखाती है और इसका अर्किटेक्चर अद्वितीय है। यहाँ के पुराने समय के प्रतीक और अद्वितीय जालियां दर्शाते हैं कि कैसे यहाँ के लोग अपनी आवास को शौभाग्यपूर्ण बनाते थे।

जैसलमेर की खास बातें

  1. संगीत और नृत्य: जैसलमेर का स्थानीय संगीत और नृत्य अद्वितीय हैं। यहाँ के लोग अपनी पारंपरिक संगीत का आनंद लेते हैं और रेगिस्तान में नृत्य करते हैं, जिसे कमल सफारी के दौरान आप देख सकते हैं।
  2. स्थानीय खाना: जैसलमेर में आपको राजस्थानी खाना का स्वाद मिलेगा, जैसे कि दाल बाटी चूरमा, गट्टे की सब्जी, और मिर्ची के पकोड़े। यहाँ के बाजारों में स्थानीय खासियत के स्वादिष्ट खाने की विविधता होती है।
  3. विश्व धरोहर स्थल: जैसलमेर को “विश्व धरोहर स्थल” के रूप में मान्यता दी गई है, जिससे यह एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बन गया है।

जैसलमेर की यात्रा कैसे करें

  1. ट्रैन: जैसलमेर ट्रेन सेवाओं के द्वारा रेलमार्ग से जुड़ा हुआ है। यहाँ का रेलवे स्टेशन अच्छी तरह से अन्य महत्वपूर्ण शहरों से जुड़ा हुआ है।
  2. वायुयान: जैसलमेर के पास एक हवाई अड्डा भी है, जिससे आप वायुयान से यहाँ पहुँच सकते हैं।
  3. सड़क परिवहन: जैसलमेर को दिल्ली, जयपुर, जोधपुर और अन्य बड़े शहरों से सड़क परिवहन के द्वारा भी पहुँचा जा सकता है।

समापन

जैसलमेर, भारतीय सौंदर्य का एक प्रतीक है और यहाँ के सुनेरे रेगिस्तान, भव्य दुर्ग, और पारंपरिक संस्कृति का मेल है। यहाँ की यात्रा आपको राजस्थान की धरोहर और सौंदर्य का सच्चा अनुभव कराएगी। तो, जैसलमेर का सुनेरा शहर आपको अपने प्राचीन रहस्यों और खासियतों से भरपूर यात्रा पर जाने का अवसर प्रदान करता है।

 

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