नई दिल्ली, A2 vs A1 Milk: पिछले कुछ सालों में लाइफस्टाइल से जुड़ी कई बीमारियां बढ़ी हैं। इसके अलावा कोरोना वायरल महामारी की वजह से भी लोग बीमारियों की चपेट में आए हैं। यही वजह है कि लोग अब अपनी सेहत को लेकर सतर्क हो गए हैं और खुद को स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए डाइट, नींद, एक्सरसाइज़ और लाइफ में बदलाव कर रहे हैं।

दूध सी चीज़ है, जिसका सेवन हर घर में हो रहा है। हालांकि, कुछ समय से लोग सोच में पड़ गए हैं कि किस तरह का दूध ज़्यादा हेल्दी होता है। कई दशकों से भारत में एक ही तरह का दूध पिया जा रहा था, लेकिन अब A2 दूध भी आ गया है, जिसे A1 की तुलना कहीं बेहतर बताया जा रहा है।

A1 या A2 कौन-सा दूध होता है बेहतर?

A1 दूध जर्सी जैसी पश्चिम देशों की गाय से लिया जाता है। भारत में आमतौर पर यही दूध मिलता है। वहीं, दूसरी तरफ A2 दूध भारतीय मूल की गिर और साहीवाल जैसी गायों से मिलता है। A2 दूध को जो चीज अलग बनाती है, वह है इसकी रासायनिक संरचना। एक्सपर्ट्स की मानें, तो दूध में पाया जाने वाला 80 फीसदी प्रोटीन केसीन (Casein) होता है। A1 गाय के दूध में A1 बीटा-केसीन होता है और A2 गाय के दूध में A2 बीटा-केसीन होता है।

हाल ही में हुए शोध बताते हैं कि A1 दूध में पाया जाने वाला बीटा-केसीन दिल की बीमारी, टाइप-1 डायबिटीज़ का ख़तरा बढ़ाता है और यह इंफ्लामेटरी भी होता है। साथ ही A2 की तुलना, A1 दूध पाचन में भी दिक्कतें पैदा करता है। लेकिन इन दोनों में लैक्टॉस की मात्रा समान होती है। यही वजह है कि A2 को A1 की तुलना बेहतर और स्वस्थ विकल्प बताया जा रहा है।

क्योंकि A1 दूध देशभर में आसानी से उपलब्ध है, इसलिए इसका दाम ज़्यादा नहीं है, वहीं, A2 दूध आपको हर जगह नहीं मिलेगा, इसलिए यह महंगा भी मिलता है। इसके अलावा, A2 दूध बेचने वालों ने इसकी मार्केटिंग एक हेल्दी ऑप्शन के तौर पर की है, इसलिए यह पॉपुलर हो रहा है और इसके दाम ज़्यादा हैं। पोषण विशेषज्ञ आमतौर पर यही सलाह देते हैं, कि सभी को रोज़ाना दूध पीना चाहिए, फिर चाहे वह A1 हो या फिर A2। दोनों ही दूध विटामिन-डी, कैल्शियम और प्रोटीन से भरे होते हैं। जिन लोगों को लैक्टॉस से एलर्जी है, सिर्फ उन्हें प्लांट-बेस्ड दूध ही पीना चाहिए।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।